PratapgarhPratapgarh

बिजली बिल 26 हजार :बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था में मनमानी की जा रही है। जाड़े में बिना कूलर, पंखा चलाए एक एलईडी बल्ब जलाने का भारी भरकम बिल एक उपभोक्ता के लिए मुसीबत बन गया है। पांच महीने में 26 हजार का बिल आने से महिला उपभोक्ता परेशान हैं।

बिजली बिल 26 हजार : लच्छीपुर निवासी आशिया बेगम ने पांच माह पहले दरियापुर उपकेंद्र से बिजली का कनेक्शन लिया था। कनेक्शन के 75 दिन बाद बिजली मीटर लगाया गया। जनवरी माह में 26,300 का बिजली आया तो उनके होश उड़ गए।

बिजली बिल 26 हजार कमरे के घर में सिर्फ बल्ब ही जलता है

आरोप है कि एक कमरे के घर में सिर्फ बल्ब ही जलता है। गर्मी न होने के कारण पंखा भी नहीं चलता। इसके बाद भी भारी भरकम बिल भेज दिया गया। महिला ने उपकेंद्र पर शिकायत की है। एसडीओ अखिलेश गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में नही है। शिकायत मिली तो जांच के बाद बिल में संशोधन किया जाएगा।

Pratapgarh : कोहरे में बेकाबू बाइक विद्युत पोल से टकराई, एक की मौत, दूसरे युवक की हालत गंभीर

संडीला निवासी राजेंद्र यादव पुत्र जगन्नाथ लिंटर के शटरिंग का काम करता था। बुधवार की देर रात बीमार भाभी की दवा लेने रानीगंज जा रहा था। साथ में पृथ्वीगंज के भगेसरा निवासी राहुल गुप्ता पुत्र श्रीराम बाइक पर था। बाइक राहुल चला रहा था।

रानीगंज थाना क्षेत्र के संडीला गांव में तेज रफ्तार बाइक के बिजली के खंभे से टकरा जाने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसा घने के कोहरे के कारण बताया जा रहा है। घायल का उपचार चल रहा है। युवक की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए।

संडीला निवासी राजेंद्र यादव पुत्र जगन्नाथ लिंटर के शटरिंग का काम करता था। बुधवार की देर रात बीमार भाभी की दवा लेने रानीगंज जा रहा था। साथ में पृथ्वीगंज के भगेसरा निवासी राहुल गुप्ता पुत्र श्रीराम बाइक पर था। बाइक राहुल चला रहा था। रास्ते में कंपोजिट विद्यालय संडीला के पास घने कोहरे से बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से भिड़ गई।

इलाज के लिए रानीगंज सीएचसी भेजा

आसपास के लोग हादसे की आवाज सुनकर पहुंचे और गंभीर दोनों घायलों को इलाज के लिए रानीगंज सीएचसी भेजा। जहां डॉक्टरों ने राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया और दूसरे घायल को गंभीर हालत में जिला मेडिकल रेफर कर दिया। मृतक के दो छोटे बेटे हैं। पत्नी आशा पति की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। बड़े भाई अमर बहादुर ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

Pratapgarh News: कोटेदार नहीं कर पाएंगे घटतौली, ई-पाॅस मशीन से लिंक होगा कांटा

सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर अब घटतौली नहीं हो सकेगी। शासन ने इसके लिए ई-पॉस मशीन से कांटा(इलेक्ट्रानिक तराजू) लिंक करने की तैयारी कर ली है। योजना के तहत जिले की सभी 1365 कंट्रोल की दुकानों पर ई-कांटा लिंक ई-पाॅस मशीन लगाई जाएंगी। तहसील स्तर पर एसडीएम की देखरेख में मशीनों को लगाने और चलाने का प्रशिक्षण कोटेदारों को दिया जाएगा। विभाग कोटेदारों से पुरानी ई-पॉस मशीन को जमा कराएगा।

जिले में 1365 कंट्रोल की दुकानें संचालित हैं। जिनसे प्रतिमाह छह लाख 78 हजार 503 राशनकार्ड धारकों को राशन दिया जाता है। अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को प्रति कार्ड 35 किग्रा और पात्र गृहस्थी वाले राशनकार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन दिया जाता है। राशन वितरण में घटतौली की लगातार शिकायतें आ रही थीं।

ई-पॉस मशीन बदली जा रही

मामला शासन तक पहुंचा तो कोटेदारों के इस खेल पर नकेल लगाने के लिए ई-पॉस मशीन बदली जा रही है। अब दुकानदारों को नई ई-पॉस मशीन के साथ ई-कांटा भी दिया जाएगा, जो ई-पाॅस मशीन से लिंक होगा। इससे कार्डधारक के अंगूठा लगाते ही ई-कॉटा में विवरण पहुंच जाएगा और पूरा राशन देने पर ही ई-पॉस मशीन वितरण और पावती का विवरण खारिज करेगी। शासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से कोटेदार घटतौली नहीं कर सकेंगें और कार्डधारकों को पूरा राशन मिलेगा।

जिले में कोटेदारों के यहां मशीन और कांट स्थापित करने के लिए एक कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। जो फरवरी तक सभी दुकानों पर मशीन और कांटा लगा देगी। नई ई-पॉस मशीन और लिंक कांटा के माध्यम से मार्च महीने का राशन दिया जाएगा।

एक यूनिट पर पांच किग्रा का मानक, आरोप है कि चार किग्रा मिलता है राशन

जिले के उपभोक्ताओं की यह आम शिकायत होती है कि कोटेदार घटतौली कर रहा है। पात्र गृहस्थी योजना के तहत एक यूनिट पर पांच किग्रा राशन देने का मानक है, मगर अधिकतर कोटेदार एक यूनिट पर चार किग्रा ही राशन देते हैं। अंत्योदय राशन का़र्डधारकों को एक राशनकार्ड पर 35 किग्रा राशन निश्चित है, मगर उन्हें 30 किग्रा ही राशन मिलता था। यह शिकायत शासन स्तर पर पर पहुंची थी।

कोटेदारों को नई ई-पॉस मशीन मिलेगी, कांटा इलेक्ट्रानिक होगा और ई- पॉस मशीन से लिंक होगा। कार्डधारकों को पूरी मात्रा में राशन देने पर ही मशीन लाभार्थी को पूरी मात्रा में राशन मिलने की पुष्टि करेगी. पंकज सिंह,एआरओ,जिला आपूर्ति विभाग

Ambati Rayudu: ने फिर लिया यू टर्न! पवन कल्याण से मिलने के बाद कही ये बात

शेयर करने के लिए धन्यवाद