US Inflation Data: नए साल 2024 में जो लोग अमेरिका में ब्याज दरों में कमी के बाद फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें घटाने की उम्मीदें पाले हुए थे उनके उम्मीदों को झटका लगा है. अमेरिका में 2023 के आखिर में फिर से महंगाई दर में बढ़ोतरी आई है. सरकारी डेटा के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में दिसंबर 2023 तक में 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है जो कि पिछले तीन महीने में सबसे ज्यादा है.

अमेरिका में महंगाई दर में बढ़ोतरी US Inflation Data से मार्च 2024 तक ब्याज दरें घटने की उम्मीदों को झटका लगा है. अर्थशास्त्रियों के 3.2 फीसदी के दर से महंगाई बढ़ने की उम्मीद थी जो नवंबर 2023 में 3.1 फीसदी रहा था. कोल इंफ्लेशन रेट भी ज्यादा रहा है. महंगाई दर में बढ़ोतरी के इस डेटा के बाद अमेरिकी स्टॉक मार्केट बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. डाओ जोंस 192 अंक नीचे गिरकर 37,502 पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि नैसडैक में मामूली तेजी है. एस एंड पी 500 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.

US Inflation Data कोर इंफ्लेशन प्राइस इंफ्लेशन

कोर इंफ्लेशन प्राइस इंफ्लेशन जिसमें फूड और एनर्जी शामिल नहीं है सालाना आधार पर दिसंबर तक में 3.9 फीसदी की बढ़ोतरी आई है हालांकि नवंबर के 4 फीसदी की तुलना में ये कम है. अर्थशास्त्रियों को 3.8 फीसदी के दर से बढ़ने की उम्मीद थी. एक महीने पहले की तुलना में कोर इंफ्लेशन में 0.3% का उछाल आया है.

ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिसटिक्स के आंकड़ों के मुताबिक रहने, बिजली और मोटर इंश्योरेंस इस दौरान महंगा हुआ है. लगातार दूसरे महीने यूज्ड कार की कीमतों में उछाल आया है. पहले ये उम्मीद की जा रही थी कि 2024 में तीन बार ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है. फिलहाल अब ब्याज दरों में कटौती पर संशय नजर आ रहा है. 

एक तरफ अमेरिका में महंगाई दर में उछाल आया है तो 12 जनवरी 2024 को भारत में भी दिसंबर महीने के लिए खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए जायेंगे.

US Consumer Inflation समग्र मुद्रास्फीति में कमी आने का कारण गैस की कीमतों में गिरावट है। अमेरिका में एक गैलन गैस की राष्ट्रीय औसत कीमत जून में 5 डॉलर से घटकर बुधवार तक 3.27 डॉलर हो दुनिया भर के स्टॉक एक्सचेंज और कमोडिटी मार्केट के लिए आज राहत भरी खबर है। दिसम्बर में लगातार छठे महीने मुद्रास्फीति की दर में कमी आई है।

दिसम्बर 2022 में मुद्रास्फीति घटकर 6.5 फीसद हो गई। यूएस में लगातार बढ़ रही महंगाई में पिछले महीने फिर से नरमी आई। अब कीमतें एक साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अर्थव्यवस्था का यही ट्रेंड जारी रहेगा। महंगाई कम होने से फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी पर राहत मिलने की उम्मीद है। गई है।

सरकार ने गुरुवार को कहा कि 12 महीने पहले की तुलना में दिसंबर में मुद्रास्फीति घटकर 6.5% रह गई। यह साल-दर-साल आधार पर मुद्रास्फीति में गिरावट का लगातार छठा महीना था। मासिक आधार पर कीमतें नवंबर से दिसंबर तक 0.1% गिर गईं। मई 2020 के बाद इस तरह की यह पहली गिरावट है।

चार दशक के शीर्ष पर थी महंगाई

मुद्रास्फीति की नरम रीडिंग से संकेत मिलता है कि चार दशकों में सबसे खराब स्तर तक पहुंच चुकी मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो रही है, फिर भी फेड को उम्मीद नहीं है कि 2024 तक मुद्रास्फीति अपने 2% के लक्ष्य तक पहुंच पाएगी। यूएस फेड पहले ही साफ कर चुका है कि वह महंगाई के आंकड़ों के नीचे आने तक वह दरों में बदलाव करता रहेगा। हां, इतना जरूर है कि कीमतों में नरमी आने से बेस रेट हाइक में थोड़ी कमी आएगी।

इन क्षेत्रों में घटी महंगाई

अस्थिर भोजन और ऊर्जा लागत को छोड़कर कीमतें दिसंबर में 5.7% तक बढ़ीं। राहत की बात यह है कि नवंबर से दिसंबर तक, मुख्य कीमतों में सिर्फ 0.3% की वृद्धि हुई है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मुद्रास्फीति अब धीरे-धीरे कम होती जाएगी, लेकिन अब भी यह अमेरिकियों के लिए एक ‘दर्दनाक हकीकत’ बनी रहेगी। इसकी वजह यह है कि भोजन, ऊर्जा और किराए में 18 महीनों में तेज बढ़ोतरी हुई है। नवंबर से दिसंबर तक किराना वस्तुओं की कीमतों में 0.2% की वृद्धि हुई, जो लगभग दो वर्षों में सबसे कम हैं, फिर भी कीमतें एक साल पहले की तुलना में 11.8% ऊपर हैं।

US Inflation Data

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