PrayagrajPrayagraj

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को आठवें स्वच्छता सर्वेक्षण Sanitation Survey-2023 के आधार पर विजेताओं को पुरस्कृत किया। नवी मुंबई ने तीसरा और विशाखापत्तनम ने चौथा स्थान कायम रखा है। इंदौर और सूरत पिछले वर्ष पहले और दूसरे स्थान पर रहे थे लेकिन इस बार सूरत ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला टाई कर दिया। दोनों सेवन स्टार रेटिंग वाले शहर हैं।

नई दिल्ली , Sanitation Survey-2023 इंदौर स्वच्छता के सातवें शिखर पर पहुंच गया है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में इंदौर को शीर्ष स्थान सूरत के साथ साझा करने पर कुछ कसक रह सकती है, लेकिन लगातार सात वर्ष से चोटी पर बने रहना भी कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को आठवें स्वच्छता सर्वेक्षण के आधार पर विजेताओं को पुरस्कृत किया।

Sanitation Survey-2023

नवी मुंबई ने तीसरा और विशाखापत्तनम ने चौथा स्थान कायम रखा है। इंदौर और सूरत पिछले वर्ष पहले और दूसरे स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार सूरत ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला टाई कर दिया। दोनों सेवन स्टार रेटिंग वाले शहर हैं। अगर पिछले वर्ष से तुलना की जाए तो शीर्ष चार स्थानों में कोई फेरबदल नहीं हुआ है, लेकिन भोपाल छठे स्थान से उठकर पांचवें नंबर पर आ गया।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणामों में यूपी को विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। इनमें वाराणसी और प्रयागराज को स्वच्छ गंगा टाउन श्रेणी में सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान किया गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम ने आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छता पर स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की। प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में प्रदेश के वाराणसी और प्रयागराज को स्वच्छ गंगा शहर के रूप में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान मिला। इस वर्ष यूपी में 65 शहरों को कचरा मुक्त शहर के रूप में प्रमाणित किया गया है।

विजयवाड़ा पिछले वर्ष पांचवें नंबर पर था, लेकिन इस बार वह छठे नंबर पर

विजयवाड़ा पिछले वर्ष पांचवें नंबर पर था, लेकिन इस बार वह छठे नंबर पर है। नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) पिछले वर्ष नौवें स्थान पर था, लेकिन इस बार उसे सातवां स्थान मिला है। सबसे स्वच्छ राज्य की श्रेणी में महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर रहा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के दो-दो शहर सबसे साफ शहरों (एक लाख से अधिक आबादी वाले) की टाप-10 सूची में शामिल हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में प्रदेश के वाराणसी और प्रयागराज को स्वच्छ गंगा शहर के रूप में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान मिला। इन दोनों शहरों को स्वच्छता में उनके समर्पण के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वाराणसी को थ्री स्टार गार्ब्रेज फ्री सिटी रेटिंग तथा प्रयागराज को वाटर प्लस सिटी का दर्जा भी मिला है।

क्लीन सिटी का राज्य स्तरीय पुरस्कार नोएडा को

इसके अलावा देश में जोनल स्तर पर उत्तर भारत क्षेत्र में यूपी के तीन शहरों को क्लीन सिटी नार्थ जोन का भी पुरस्कार मिला। इनमें बरवर, अनूपशहर और गजरौला शामिल हैं। एक लाख से 10 लाख तक की आबादी में क्लीन सिटी का राज्य स्तरीय पुरस्कार नोएडा को मिला।

इसके साथ ही जीएफसी और ओडीएफ परिणाम भी घोषित किए हैं, जिसमें इस वर्ष यूपी में 65 शहरों को कचरा मुक्त शहर के रूप में प्रमाणित किया गया है। जीएफसी शहरों में वन स्टार के 56, थ्री स्टार के 08 और फाइव स्टार का एक शहर शामिल हैं। यूपी इस वर्ष अनेक और कचरा मुक्त शहरों का प्रमाणन हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है।

इस वर्ष यूपी के सभी शहर ओडीएफ हो गए हैं। ओडीएफ की विभिन्न श्रेणी में 02 यूएलबी ने पहली बार वाटर प्लस प्रमाणन हासिल किया है। ओडीएफ की अन्य श्रेणी में 129 यूएलबी को ओडीएफ++ के रूप में प्रमाणित किया गया है। 435 यूएलबीएस को ओडीएफ+ के रूप में प्रमाणित किया गया है। इन सब श्रेणियों को मिलाकर यूपी के सभी शहर अब ओडीएफ हो गए हैं।

स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से अपना परचम लहराया

स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से अपना परचम लहराया है. छत्तीसगढ़ को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए गुरुवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव को पुरस्कार प्रदान किया.

बसवराजू एस. सहित प्रदेश के कई नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संभागीय व जिला समन्वयक तथा स्वच्छता दीदियां भी समारोह में शामिल रहीं. केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में अच्छे प्रदर्शन के लिए राज्य के पांच नगरीय निकाय रायपुर, पाटन, कुम्हारी, महासमुंद और आरंग को भी राष्ट्रीय अवार्ड मिला है.

गौरतलब है कि केन्द्रीय आसवन एवं शहरी मंत्रालय द्वारा विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छ सर्वेक्षण देश में कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की और राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड हासिल किए हैं. वर्ष 2017 में ही छत्तीसगढ़ ओडीएफ राज्य होने की गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल कर चुका है.

10 हजार स्वच्छता दीदियों के माध्यम से मिशन क्लीन सिटी शुरू

इसके साथ ही राज्य में तीन लाख निजी शौचालयों का निर्माण पूरा कराये जाने की उपलब्धि भी राज्य ने हासिल की थी. राज्य में स्वच्छता के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार स्वच्छता दीदियों के माध्यम से मिशन क्लीन सिटी शुरू की गई थी.

स्वच्छता क्रियान्वयन के बेहतर परिणाम के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को इंदौर में पुरस्कृत किया गया था.छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2014 से 2017 के दौरान स्वच्छता को लेकर जो नीतियां बनायी गई और कई परियोजनाएं शुरू की गई थी, जिसके चलते राज्य में स्वच्छता को स्थायी तौर पर आगे बढ़ाने में मद्द मिली है.

छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा अभिनव प्रयोग करते हुए स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण के लिए सुविधा-24 योजना शुरू की गई. निर्मित सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के संचालन और संधारण के लिए स्वच्छता श्रृंगार योजना प्रारंभ की गई थी.

US Inflation Data: दिसंबर में अमेरिका में महंगाई दर में आई उछाल

शेयर करने के लिए धन्यवाद